लातेहार में पंचायतों के वित्तीय सशक्तिकरण पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

लातेहार में पंचायतों के वित्तीय सशक्तिकरण पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
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लातेहार में पंचायतों के वित्तीय सशक्तिकरण पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

लातेहार। राज्य सरकार एवं पंचायती राज विभाग, झारखंड के निर्देशानुसार पंचायतों के वित्तीय सशक्तिकरण (Financial Empowerment) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई।

इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्राम पंचायतों को स्वयं के स्रोत से राजस्व (Own Source Revenue – OSR) की जानकारी प्रदान करना और ग्राम स्तर पर वित्तीय आत्मनिर्भरता विकसित करना है।

कार्यक्रम में जिले के 10 प्रखंडों के पंचायती राज पदाधिकारी और कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रशिक्षण का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला पंचायती राज पदाधिकारी श्री श्रेयांश एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी (लातेहार) द्वारा दीप प्रज्वलन और उद्घाटन संबोधन के साथ किया गया।

अपने उद्घाटन वक्तव्य में जिला पंचायती राज पदाधिकारी ने कहा कि —
“पंचायतों को राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं के साथ-साथ अपने स्वयं के संसाधनों के माध्यम से भी विकास की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। स्थानीय कर एवं गैर-कर राजस्व से प्राप्त आय पंचायतों को आत्मनिर्भर और प्रभावी बनाती है।”


प्रशिक्षण सत्र के प्रमुख बिंदु :

राज्य स्तरीय प्रशिक्षक जितेंद्र कुमार एवं मनोज कुमार ने प्रतिभागियों को OSR से संबंधित विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया। सत्रों में निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष चर्चा हुई —

  • ग्राम पंचायतों के स्वयं के राजस्व स्रोतों (OSR) की पहचान, वर्गीकरण एवं उनकी महत्ता
  • OSR संवर्धन के लिए रणनीतियाँ और पंचायत स्तर पर कार्ययोजना निर्माण
  • ग्रामीणों में कर भुगतान के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के उपाय
  • ग्राम विकास योजनाओं में OSR के प्रभावी उपयोग एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के तरीके
  • PPP मॉडल, CSR फंड और स्थानीय निवेश जैसे नए वित्तीय विकल्पों का प्रयोग
  • सतत संसाधन सृजन हेतु राजस्व पूर्वानुमान, योजना निर्माण और कार्यान्वयन प्रक्रिया
  • SWOT विश्लेषण के माध्यम से पंचायतों की वित्तीय स्थिति का मूल्यांकन
  • ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) में परियोजना प्रबंधन कौशल का उपयोग

प्रशिक्षण के दौरान समूह कार्य, चर्चा सत्र एवं केस स्टडी के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया गया।
प्रशिक्षकों ने बताया कि संपत्ति कर, बाजार शुल्क, जल उपयोग शुल्क और संपत्ति उपयोग शुल्क जैसे स्थानीय संसाधनों से स्थायी व पारदर्शी राजस्व सृजन संभव है।


कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय प्रभारी जिला कार्यक्रम प्रबंधक मंजीत कुमार सिंह एवं जिला समन्वयक दीपक कुमार ने कुशलतापूर्वक किया।
उन्होंने OSR संबंधित गतिविधियों एवं TMP से जुड़े कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा कराया।

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